अन्वयः
दुर्वुत्ते O Wicked natured one, तस्य forhim (Rama), आतिथ्येन by offering hospitality, लोभमोह विवर्जिता without covetousness and passion, मुदा with joy, युक्ता endowed, मत्सकाशे in my proximity, स्वम् your present, वपु: body, धारयिष्यसि you will regain (assume).
Summary
'O Wickednatured one by offering hospitality to Rama, without covetousness and passion, you will happily live with me by regaining your present form'.
पदच्छेदः
| तस्यातिथ्येन | तद् (६.१)–आतिथ्य (३.१) |
| दुर्वृत्ते | दुर्वृत्त (८.१) |
| लोभमोहविवर्जिता | लोभ–मोह–विवर्जित (√वि-वर्जय् + क्त, १.१) |
| मत्सकाशे | मद्–सकाश (७.१) |
| मुदा | मुद् (३.१) |
| युक्ता | युक्त (√युज् + क्त, १.१) |
| स्वं | स्व (२.१) |
| वपुर् | वपुस् (२.१) |
| धारयिष्यसि | धारयिष्यसि (√धारय् लृट् म.पु. ) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | स्या | ति | थ्ये | न | दु | र्वृ | त्ते |
| लो | भ | मो | ह | वि | व | र्जि | ता |
| म | त्स | का | शे | मु | दा | यु | क्ता |
| स्वं | व | पु | र्धा | र | यि | ष्य | सि |