M N Dutt
Shall we, on the occasion of Rāma's return, with glad hearts peacefully enter the city in company with that one firm in his promise?पदच्छेदः
| क्रीडारतिविधिज्ञानां | क्रीडा–रति–विधि–ज्ञ (६.३) |
| समाजोत्सवशालिनाम् | समाज–उत्सव–शालिन् (६.३) |
| एषा | एतद् (१.१) |
| सा | तद् (१.१) |
| दृश्यते | दृश्यते (√दृश् प्र.पु. एक.) |
| ऽयोध्या | अयोध्या (१.१) |
| राजधानी | राजधानी (१.१) |
| पितुर् | पितृ (६.१) |
| मम | मद् (६.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| आ | रा | मो | द्या | न | सं | पू | र्णां |
| स | मा | जो | त्स | व | शा | लि | नीम् |
| सु | खि | ता | वि | च | रि | ष्य | न्ति |
| रा | ज | धा | नीं | पि | तु | र्म | म |