पदच्छेदः
| आकाशनिलयाश् | आकाशनिलय (१.३) |
| चैव | च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| तथा | तथा (अव्ययः) |
| स्थण्डिलशायिनः | स्थण्डिलशायिन् (१.३) |
| तथोर्ध्ववासिनो | तथा (अव्ययः)–ऊर्ध्ववासिन् (१.३) |
| दान्तास् | दान्त (√दम् + क्त, १.३) |
| तथार्द्रपटवाससः | तथा (अव्ययः)–आर्द्रपटवासस् (१.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| आ | का | श | नि | ल | या | श्चै | व |
| त | था | स्थ | ण्डि | ल | शा | यि | नः |
| त | थो | र्ध्व | वा | सि | नो | दा | न्ता |
| स्त | था | र्द्र | प | ट | वा | स | सः |