पदच्छेदः
| मेखलान् | मेखल (२.३) |
| उत्कलांश् | उत्कल (२.३) |
| चैव | च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| दशार्णनगराण्य् | दशन्–अर्ण–नगर (२.३) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
| अवन्तीम् | अवन्ती (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| सर्वम् | सर्व (२.१) |
| एवानुपश्यत | एव (अव्ययः)–अनुपश्यत (√अनु-पश् लोट् म.पु. द्वि.) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| मे | ख | ला | नु | त्क | लां | श्चै | व |
| द | शा | र्ण | न | ग | रा | ण्य | पि |
| अ | व | न्ती | म | भ्र | व | न्तीं | च |
| स | र्व | मे | वा | नु | प | श्य | त |