पदच्छेदः
| मृत्युस्तु | मृत्यु (१.१)–तु (अव्ययः) |
| परमक्रुद्धो | परम–क्रुद्ध (√क्रुध् + क्त, १.१) |
| वैवस्वतम् | वैवस्वत (२.१) |
| अथाब्रवीत् | अथ (अव्ययः)–अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
| मुञ्च | मुञ्च (√मुच् लोट् म.पु. ) |
| मां | मद् (२.१) |
| देव | देव (८.१) |
| शीघ्रं | शीघ्रम् (अव्ययः) |
| त्वं | त्वद् (१.१) |
| निहन्मि | निहन्मि (√नि-हन् लट् उ.पु. ) |
| समरे | समर (७.१) |
| रिपुम् | रिपु (२.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| मृ | त्यु | स्तु | प | र | म | क्रु | द्धो |
| वै | व | स्व | त | म | था | ब्र | वीत् |
| मु | ञ्च | मां | दे | व | शी | घ्रं | त्वं |
| नि | ह | न्मि | स | म | रे | रि | पुम् |