पदच्छेदः
| बलोद्धतौ | बल–उद्धत (√उत्-हन् + क्त, १.२) |
| यथा | यथा (अव्ययः) |
| नागौ | नाग (१.२) |
| वाशितार्थे | वाशिता–अर्थ (७.१) |
| यथा | यथा (अव्ययः) |
| वृषौ | वृष (१.२) |
| मेघाविव | मेघ (१.२)–इव (अव्ययः) |
| विनर्दन्तौ | विनर्दत् (√वि-नर्द् + शतृ, १.२) |
| सिंहाविव | सिंह (१.२)–इव (अव्ययः) |
| बलोत्कटौ | बल–उत्कट (१.२) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ब | लो | द्ध | तौ | य | था | ना | गौ |
| वा | शि | ता | र्थे | य | था | वृ | षौ |
| मे | घा | वि | व | वि | न | र्द | न्तौ |
| सिं | हा | वि | व | ब | लो | त्क | टौ |