पदच्छेदः
| युष्माकं | त्वद् (६.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| प्रभावेन | प्रभाव (३.१) |
| तेजसा | तेजस् (३.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| महात्मनाम् | महात्मन् (६.३) |
| हतो | हत (√हन् + क्त, १.१) |
| दुरात्मा | दुरात्मन् (१.१) |
| दुर्बुद्धी | दुर्बुद्धि (१.१) |
| रावणो | रावण (१.१) |
| राक्षसाधिपः | राक्षस–अधिप (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| यु | ष्मा | कं | च | प्र | भा | वे | न |
| ते | ज | सा | च | म | हा | त्म | नाम् |
| ह | तो | दु | रा | त्मा | दु | र्बु | द्धी |
| रा | व | णो | रा | क्ष | सा | धि | पः |