पदच्छेदः
| एतत् | एतद् (१.१) |
| ते | त्वद् (४.१) |
| सर्वम् | सर्व (१.१) |
| आख्यातं | आख्यात (√आ-ख्या + क्त, १.१) |
| यन्मां | यद् (२.१)–मद् (२.१) |
| पृच्छसि | पृच्छसि (√प्रच्छ् लट् म.पु. ) |
| राघव | राघव (८.१) |
| संध्याम् | संध्या (२.१) |
| उपासितुं | उपासितुम् (√उप-आस् + तुमुन्) |
| वीर | वीर (८.१) |
| समयो | समय (१.१) |
| ह्यतिवर्तते | हि (अव्ययः)–अतिवर्तते (√अति-वृत् लट् प्र.पु. एक.) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ए | त | त्ते | स | र्व | मा | ख्या | तं |
| य | न्मां | पृ | च्छ | सि | रा | घ | व |
| सं | ध्या | मु | पा | सि | तुं | वी | र |
| स | म | यो | ह्य | ति | व | र्त | ते |