M N Dutt
And where if a kingdom is established it might:not disturb the peace of hermitage and happiness of other kings.
पदच्छेदः
| न | न (अव्ययः) |
| राज्ञां | राजन् (६.३) |
| यत्र | यत्र (अव्ययः) |
| पीडा | पीडा (१.१) |
| स्यान्नाश्रमाणां | स्यात् (√अस् विधिलिङ् प्र.पु. एक.)–न (अव्ययः)–आश्रम (६.३) |
| विनाशनम् | विनाशन (१.१) |
| स | तद् (१.१) |
| देशो | देश (१.१) |
| दृश्यतां | दृश्यताम् (√दृश् लोट् प्र.पु. एक.) |
| सौम्य | सौम्य (८.१) |
| नापराध्यामहे | न (अव्ययः)–अपराध्यामहे (√अप-राध् लट् उ.पु. द्वि.) |
| यथा | यथा (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| न | रा | ज्ञां | य | त्र | पी | दा | स्या |
| न्ना | श्र | मा | णां | वि | ना | श | नम् |
| स | दे | शो | दृ | श्य | तां | सौ | म्य |
| ना | प | रा | ध्या | म | हे | य | था |