अन्वयः
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वागर्थौ इव संपृक्तौ जगतः पितरौ पार्वतीपरमेश्वरौ वागर्थप्रतिपत्तये वन्दे ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
वागर्थाविति॥
वागर्थाविव इत्येकं पदम् । इवेन सह नित्यसमासो विभक्त्यलोपश्च पूर्वपदप्रकृतिस्वरत्वं चेति वक्तव्यम्, एवमन्यत्रापि द्रष्टव्यम्। वागर्थाविव शब्दार्थाविव, संपृक्तौ । नित्यसंबद्धावित्यर्थथः। नित्यसंबद्धयोरुपमानत्वेनोपादानात् नित्यः शब्दार्थसंबन्धः इति मीमांसकाः। जगतो लोकस्य पितरौ। माता च पिता च पितरौ, पिता मात्रा (अष्टाध्यायी १.२.७० ) इति द्वन्द्वैकशेषः। मातापितरौ पितरौ मातरपितरौ प्रसू जनयितारौ इत्यमरः। एतेन शर्वशिवयोः सर्वजगज्जनकतया वैशिष्ट्यमिष्टार्छप्रदानशक्तिः परमकारुणिकत्वं च सूच्यते। पर्वतस्यापत्यं स्त्री पार्वती। तस्यापत्यम् (अष्टाध्यायी ४.१.९२ ) इच्यण्, टिङ्ढाणञ्- (अष्टाध्यायी ४.१.१५ ) इत्यादिना ङीप्। पार्वती च परमेश्वरश्च पार्वतीपरमेश्वरौ। परम शब्दः सर्वोत्तमत्वद्योतनार्थः। मातुरभ्यर्हितत्वादल्पाक्षरत्वाञ्च पार्वतीशब्दस्य पूर्वनिपातः। वागर्थप्रतिपत्तये शब्दार्थयोः सम्यग्ज्ञानार्थं वन्देऽभिवादये। अत्रोपमालंकारः स्फुट एव। तथोक्तम्- स्वतः सिद्धेन भिन्नेन संपन्नेन च धर्मतः। साम्यमन्येन वर्ण्यस्य वाच्यं चेदेकगोपमा ॥ इति। प्रायिकश्चोपमालंकारः कालिदासोक्तकाव्यादौ भूदेवताकस्य सर्वगुरोर्मगणस्य प्रयोगाच्छुभलाभः सूच्यते। तदुक्तम्-शुभदो मो भूमिमयः इति। वकारस्यामृतबीजत्वात्प्रचयगमनादिसिद्धिः ॥
Summary
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I salute Pārvatī and Parameśvara, the parents of the universe, who are eternally united like a word and its meaning, for the purpose of attaining mastery over word and its meaning.
सारांश
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शब्द और अर्थ के समान नित्य जुड़े हुए, जगत के माता-पिता पार्वती और शिव को मैं शब्द और अर्थ के सम्यक ज्ञान हेतु प्रणाम करता हूँ।
पदच्छेदः
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| वागर्थौ | वाच्–अर्थ (१.२) | word and meaning |
| इव | इव | like |
| संपृक्तौ | संपृक्त (सम्√पृच्+क्त, १.२) | united |
| वागर्थप्रतिपत्तये | वाच्–अर्थ–प्रतिपत्ति (प्रति√पद्+क्तिन्, ४.१) | for the correct knowledge of word and meaning |
| जगतः | जगत् (६.१) | of the world |
| पितरौ | पितृ (१.२) | parents |
| वन्दे | वन्दे (√वन्द् कर्तरि लट् (आत्मने.) उ.पु. एक.) | I salute |
| पार्वतीपरमेश्वरौ | पार्वती–परम–ईश्वर (२.२) | Pārvatī and Parameśvara |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| वा | ग | र्था | वि | व | सं | पृ | क्तौ |
| वा | ग | र्थ | प्र | ति | प | त्त | ये |
| ज | ग | तः | पि | त | रौ | व | न्दे |
| पा | र्व | ती | प | र | मे | श्व | रौ |
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