अन्वयः
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सूर्यप्रभवः वंशः क्व च अल्पविषया मतिः क्व च? मोहात् दुस्तरं सागरं उडुपेन तितीर्षुः अस्मि ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
क्व सूर्येति॥ प्रभवत्यस्मादिति प्रभवः कारणम्।
ॠदोरप् (अष्टाध्यायी ३.३.५७ ) । अकर्तरि च कारके संज्ञायाम् (अष्टाध्यायी ३.३.१९ ) इति साधुः। सूर्यः प्रभवो यस्य स सूर्यप्रभवो वंशः क्व? अल्पो विषयो ज्ञेयोऽर्थो यस्याः सा मे मतिः प्रज्ञा च क्व? द्वौ क्वशब्दौ महदन्तरं सूचयतः। सूर्यवंशमाकलयितुं न शक्नोमीत्यर्थः। तथा च तद्विषयप्रबन्धनिरूपणं तु दूरापास्तमिति भावः। तथा हि-दुस्तरं तरितुमशक्यम्। ईषद्दुःसुषु- (अष्टाध्यायी ३.३.१२६ ) इत्यादिना खल्प्रत्ययः। सागरं मोहादज्ञानात् उडुपेन प्लवेन। उडुपं तु प्लवः कोलः इत्यमरः (अमरकोशः १.१०.११ ) । अथवा, -चर्मावनद्धेन पानपात्रेण। चर्मावनद्धमुडुपं प्लवः काष्ठं करण्डवत् इति सज्जनः। तितीर्षुस्तरितुमिच्छुः। अस्मि भवामि। तरतेः सन्नन्तादुप्रत्ययः। अल्पसाधनैरधिकारम्भोन सुकर इति भावः। इदं च वंशोत्कर्षकथं स्वप्रबन्धमहत्त्वार्थमेव। तदुक्तम्-प्रतिपाद्यमहिम्ना च प्रबन्धो हि महत्तरः इति ॥
Summary
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On one hand is the glorious dynasty originating from the Sun, and on the other is my limited intellect. Out of delusion, I desire to cross the insurmountable ocean using a mere raft.
सारांश
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कहाँ सूर्य से उत्पन्न महान वंश और कहाँ मेरी अल्प बुद्धि! मोहवश मैं छोटी नाव से दुस्तर सागर पार करने की इच्छा कर रहा हूँ।
पदच्छेदः
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| सूर्यप्रभवः | सूर्य–प्रभव (प्र√भू+अप्, १.१) | born from the Sun |
| वंशः | वंश (१.१) | dynasty |
| क्व | क्व | where |
| च | च | and |
| अल्पविषया | अल्प–विषय (१.१) | of limited scope |
| मतिः | मति (१.१) | intellect |
| तितीर्षुः | तितीर्षु (√तॄ+सन्+उ, १.१) | desirous of crossing |
| दुस्तरम् | दुस्तर (दुस्√तॄ+खल्, २.१) | difficult to cross |
| मोहात् | मोह (५.१) | out of delusion |
| उडुपेन | उडुप (३.१) | by a small raft |
| अस्मि | अस्मि (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) उ.पु. एक.) | I am |
| सागरम् | सागर (२.१) | ocean |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| क्व | सू | र्य | प्र | भ | वो | वं | शः |
| क्व | चा | ल्प | वि | ष | या | म | तिः |
| ति | ती | र्षु | र्दु | स्त | रं | मो | हा |
| दु | डु | पे | ना | स्मि | सा | ग | रम् |
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