पदच्छेदः
| धारयन्त्य् | धारयन्ति (√धारय् लट् प्र.पु. बहु.) |
| असुरा | असुर (१.३) |
| यानि | यद् (२.३) |
| ददाम्य् | ददामि (√दा लट् उ.पु. ) |
| एतानि | एतद् (२.३) |
| सर्वशः | सर्वशस् (अव्ययः) |
| वैद्याधरं | वैद्याधर (२.१) |
| महास्त्रं | महत्–अस्त्र (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| नन्दनं | नन्दन (२.१) |
| नाम | नाम (अव्ययः) |
| नामतः | नामन् (५.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| धा | र | य | न्त्य | सु | रा | या | नि |
| द | दा | म्ये | ता | नि | स | र्व | शः |
| वै | द्या | ध | रं | म | हा | स्त्रं | च |
| न | न्द | नं | ना | म | ना | म | तः |