अन्वयः
स: राघव: Rama, तान् ज्ञात्वा having acquired the knowledge of those weapons, अथ later, गच्छन्नेव while walking, विश्वामित्रं महामुनिम् maharshi Visvamitra, मधुरम् in gentle, श्लक्ष्णम् soft, वचनम् words, अब्रवीत् spoke.
Summary
After having acquired the knowledge of the weapons Rama addressed maharshi Viswamitra in gentle and soft words while walking along with him.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| तान् | तद् (२.३) |
| राघवो | राघव (१.१) |
| ज्ञात्वा | ज्ञात्वा (√ज्ञा + क्त्वा) |
| विश्वामित्रं | विश्वामित्र (२.१) |
| महामुनिम् | महत्–मुनि (२.१) |
| गच्छन्न् | गच्छत् (√गम् + शतृ, १.१) |
| एवाथ | एव (अव्ययः)–अथ (अव्ययः) |
| मधुरं | मधुर (२.१) |
| श्लक्ष्णं | श्लक्ष्ण (२.१) |
| वचनम् | वचन (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | च | ता | न्रा | घ | वो | ज्ञा | त्वा |
| वि | श्वा | मि | त्रं | म | हा | मु | निम् |
| ग | च्छ | न्ने | वा | थ | म | धु | रं |
| श्ल | क्ष्णं | व | च | न | म | ब्र | वीत् |