ब्रह्मयोनिर्महानासीत्कुशो नाम महातपाः ।
वैदर्भ्यां जनयामास चतुरः सदृशान्सुतान् ।
कुशाम्बं कुशनाभं च आधूर्तरजसं वसुम् ॥
ब्रह्मयोनिर्महानासीत्कुशो नाम महातपाः ।
वैदर्भ्यां जनयामास चतुरः सदृशान्सुतान् ।
कुशाम्बं कुशनाभं च आधूर्तरजसं वसुम् ॥
अन्वयः
स: महात्मा that eminent one, कुलीनायाम् in lady of noble descent, युक्तायाम् suitable to him, वैदर्भ्याम् in the princess of Vidarbha, कुशाम्बम् Kusamba, कुशनाभं च Kusanabha also, अधूर्तरजसम् Adhurta Rajasa, वसुम् Vasu, सुगुणोल्बणान् manifesting virtues, सदृशान् suitable ones, चतुर: four, सुतान् sons, जनयामास begot.Summary
That great soul, Kusa, married the princess of Vidarbha born in a noble family and a match for him. He begot four virtuous sons who resembled him. They were Kusamba, Kusanabha, Adhurtarajas and Vasu.पदच्छेदः
| ब्रह्मयोनिर् | ब्रह्मन्–योनि (१.१) |
| महान् | महत् (१.१) |
| आसीत् | आसीत् (√अस् लङ् प्र.पु. एक.) |
| कुशो | कुश (१.१) |
| नाम | नाम (अव्ययः) |
| महातपाः | महत्–तपस् (१.१) |
| वैदर्भ्यां | वैदर्भी (७.१) |
| जनयामास | जनयामास (√जनय् प्र.पु. एक.) |
| चतुरः | चतुर् (२.३) |
| सदृशान् | सदृश (२.३) |
| सुतान् | सुत (२.३) |
| कुशाम्बं | कुशाम्ब (२.१) |
| कुशनाभं | कुशनाभ (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| आधूर्तरजसं | आधूर्तरजस (२.१) |
| वसुम् | वसु (२.१) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ब्र | ह्म | यो | नि | र्म | हा | ना | सी | त्कु | शो | ना | म |
| म | हा | त | पाः | वै | द | र्भ्यां | ज | न | या | मा | स |
| च | तु | रः | स | दृ | शा | न्सु | तान् | कु | शा | म्बं | कु |
| श | ना | भं | च | आ | धू | र्त | र | ज | सं | व | सुम् |