पदच्छेदः
| सततं | सततम् (अव्ययः) |
| संकुलं | संकुल (२.१) |
| श्रीमद्ब्रह्मकल्पैर् | श्रीमत्–ब्रह्मन्–कल्प (३.३) |
| महात्मभिः | महात्मन् (३.३) |
| अब्भक्षैर् | अब्भक्ष (३.३) |
| वायुभक्षैश् | वायुभक्ष (३.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| शीर्णपर्णाशनैस् | शीर्ण (√शृ + क्त)–पर्ण–अशन (३.३) |
| तथा | तथा (अव्ययः) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | त | तं | सं | कु | लं | श्री | म |
| द्ब्र | ह्म | क | ल्पै | र्म | हा | त्म | भिः |
| अ | ब्भ | क्षै | र्वा | यु | भ | क्षै | श्च |
| शी | र्ण | प | र्णा | श | नै | स्त | था |