अन्वयः
महातेज: O Sage possessing great austerities, श्व: tomorrow, प्रभाते at dawn, माम् me, पुन: again, द्रष्टुम् to see, अर्हसि behoves of you, तपताम् in reciting religious prayers, श्रेष्ठ excellent one, स्वागतम् welcome, माम् to me, अनुज्ञातुम् अर्हसि give me your consent to leave.
Summary
O Sage of great austerities come to me tomorrow at dawn. O Excellent ascetic welcome And allow me to leave".
पदच्छेदः
| श्वः | श्वस् (अव्ययः) |
| प्रभाते | प्रभात (७.१) |
| महातेजो | महत्–तेजस् (८.१) |
| द्रष्टुम् | द्रष्टुम् (√दृश् + तुमुन्) |
| अर्हसि | अर्हसि (√अर्ह् लट् म.पु. ) |
| मां | मद् (२.१) |
| पुनः | पुनर् (अव्ययः) |
| स्वागतं | स्वागत (१.१) |
| तपतां | तपत् (√तप् + शतृ, ६.३) |
| श्रेष्ठ | श्रेष्ठ (८.१) |
| माम् | मद् (२.१) |
| अनुज्ञातुम् | अनुज्ञातुम् (√अनु-ज्ञा + तुमुन्) |
| अर्हसि | अर्हसि (√अर्ह् लट् म.पु. ) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| श्वः | प्र | भा | ते | म | हा | ते | जो |
| द्र | ष्टु | म | र्ह | सि | मां | पु | नः |
| स्वा | ग | तं | त | प | सां | श्रे | ष्ठ |
| मा | म | नु | ज्ञा | तु | म | र्ह | सि |