अन्वयः
अव्यक्तप्रभव: the unmanifest, शाश्वत: eternal, नित्य: constant, अव्यय: Imperishable, ब्रह्मा Brahma, तस्मात् from him, मरीचि: Marichi, संजज्ञे was born, मरीचे: from Marichi, काश्यप: Kasyapa, सुत: son (sprang).
Summary
"From the unmanifest was born the eternal, the constant, the imperishable Brahma. To him was born Marichi and to Marichi, Kasyapa.
पदच्छेदः
| अव्यक्तप्रभवो | अव्यक्त–प्रभव (१.१) |
| ब्रह्मा | ब्रह्मन् (१.१) |
| शाश्वतो | शाश्वत (१.१) |
| नित्य | नित्य (८.१) |
| अव्ययः | अव्यय (१.१) |
| तस्मान् | तद् (५.१)–तद् (५.१) |
| मरीचिः | मरीचि (१.१)–मरीचि (१.१) |
| संजज्ञे | संजज्ञे (√सम्-जन् लिट् प्र.पु. एक.)–संजज्ञे (√सम्-जन् लिट् प्र.पु. एक.) |
| मरीचेः | मरीचि (५.१)–मरीचि (५.१) |
| कश्यपः | कश्यप (१.१)–कश्यप (१.१) |
| सुतः | सुत (१.१)–सुत (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | व्य | क्त | प्र | भ | वो | ब्र | ह्मा |
| शा | श्व | तो | नि | त्य | अ | व्य | यः |
| त | स्मा | न्म | री | चिः | सं | ज | ज्ञे |
| म | री | चेः | क | श्य | पः | सु | तः |