पदच्छेदः
| सह | सह (अव्ययः) |
| तेन | तद् (३.१) |
| गरेणैव | गर (३.१)–एव (अव्ययः) |
| जातः | जात (√जन् + क्त, १.१) |
| स | तद् (१.१) |
| सगरो | सगर (१.१) |
| ऽभवत् | अभवत् (√भू लङ् प्र.पु. एक.) |
| सगरस्यासमञ्जस् | सगर (६.१)–असमञ्ज (१.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| असमञ्जाद् | असमञ्ज (५.१) |
| अथांशुमान् | अथ (अव्ययः)–अंशुमन्त् (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | ह | ते | न | ग | रे | णै | व |
| जा | तः | स | स | ग | रो | ऽभ | वत् |
| स | ग | र | स्या | स | म | ञ्ज | स्तु |
| अ | स | म | ञ्जा | द | थां | शु | मान् |