अन्वयः
परमसंहृष्ट: immensely pleased, हिरण्यस्य golden, सुवर्णस्य of fine glow, मुक्तानाम् pearls', विद्रुमस्य corals, अनुत्तमम् excellent, कन्याधनम् ornaments to his daughters, ददौ gave.
Summary
Immensely delighted, he gave his excellent daughters gold, pearls and corals.
पदच्छेदः
| ददौ | ददौ (√दा लिट् प्र.पु. एक.) |
| कन्यापिता | कन्या–पितृ (१.१) |
| तासां | तद् (६.३) |
| दासीदासम् | दासी–दास (२.१) |
| अनुत्तमम् | अनुत्तम (२.१) |
| हिरण्यस्य | हिरण्य (६.१) |
| सुवर्णस्य | सुवर्ण (६.१) |
| मुक्तानां | मुक्ता (६.३) |
| विद्रुमस्य | विद्रुम (६.१) |
| च | च (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| द | दौ | क | न्या | पि | ता | ता | सां |
| दा | सी | दा | स | म | नु | त्त | मम् |
| हि | र | ण्य | स्य | सु | व | र्ण | स्य |
| मु | क्ता | नां | वि | द्रु | म | स्य | च |