अन्वयः
स: he (Bharata), अश्वपतिना by the lord of horses (here, by Aswapati), मातुलेन by his maternal uncle, सत्कारसत्कृत: treated with warm hospitality, पुत्रस्नेहेन with filial affection, लालित: was treated, भ्रात्रा सह along with his brother, तत्र there, न्यवसत् stayed on.
Summary
Treated with warm hospitality and fatherly affection by his maternal uncle Aswapati, Bharata stayed on there along with his brother.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| न्यवसद् | न्यवसत् (√नि-वस् लङ् प्र.पु. एक.) |
| भ्रात्रा | भ्रातृ (३.१) |
| सह | सह (अव्ययः) |
| सत्कारसत्कृतः | सत्कार–सत्कृत (√सत्-कृ + क्त, १.१) |
| मातुलेनाश्वपतिना | मातुल (३.१)–अश्वपति (३.१) |
| पुत्रस्नेहेन | पुत्र–स्नेह (३.१) |
| लालितः | लालित (√लालय् + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | त | त्र | न्य | व | स | द्भ्रा | त्रा |
| स | ह | स | त्का | र | स | त्कृ | तः |
| मा | तु | ले | ना | श्व | प | ति | ना |
| पु | त्र | स्ने | हे | न | ला | लि | तः |