अन्वयः
राम O Rama, तस्मात् therefore, यः नरः a man, माता as mother, पिता चेति as father, सज्जेत is attached, सः he, उन्मत्त इव like a madman, सः ज्ञेयः is to be regarded, कश्चित् any one, कस्य चित् to any one, नास्ति हि is nonexistent.
Summary
O Rama one who establishes relationship by saying, 'She is my mother he is my father' is to be regarded as a lunatic. In fact, no one belongs to any one.
पदच्छेदः
| तस्मान् | तस्मात् (अव्ययः) |
| माता | मातृ (१.१) |
| पिता | पितृ (१.१) |
| चेति | च (अव्ययः)–इति (अव्ययः) |
| राम | राम (८.१) |
| सज्जेत | सज्जेत (√सञ्ज् विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| यो | यद् (१.१) |
| नरः | नर (१.१) |
| उन्मत्त | उन्मत्त (√उत्-मद् + क्त, १.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| स | तद् (१.१) |
| ज्ञेयो | ज्ञेय (√ज्ञा + कृत्, १.१) |
| नास्ति | न (अव्ययः)–अस्ति (√अस् लट् प्र.पु. एक.) |
| काचिद्धि | कश्चित् (१.१)–हि (अव्ययः) |
| कस्यचित् | कश्चित् (६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | स्मा | न्मा | ता | पि | ता | चे | ति |
| रा | म | स | ज्जे | त | यो | न | रः |
| उ | न्म | त्त | इ | व | स | ज्ञे | यो |
| ना | स्ति | का | चि | द्धि | क | स्य | चित् |