अन्वयः
सुमहात्मना by the highly magnanimous, रामेण by Rama, अनुज्ञातः having been permitted, अहम् I, निवृत्तः am returning, शुभे auspicious, पादुके sandals, गृहीत्वा taking, अयोध्यामेव to Ayodhya only, गच्छामि am going.
Summary
I am now returning to Ayodhya with these auspicious sandals permitted by the magnanimous Rama.
पदच्छेदः
| निवृत्तो | निवृत्त (√नि-वृत् + क्त, १.१) |
| ऽहम् | मद् (१.१) |
| अनुज्ञातो | अनुज्ञात (√अनु-ज्ञा + क्त, १.१) |
| रामेण | राम (३.१) |
| सुमहात्मना | सु (अव्ययः)–महात्मन् (३.१) |
| अयोध्याम् | अयोध्या (२.१) |
| एव | एव (अव्ययः) |
| गच्छामि | गच्छामि (√गम् लट् उ.पु. ) |
| गृहीत्वा | गृहीत्वा (√ग्रह् + क्त्वा) |
| पादुके | पादुका (२.२) |
| शुभे | शुभ (२.२) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| नि | वृ | त्तो | ऽह | म | नु | ज्ञा | तो |
| रा | मे | ण | सु | म | हा | त्म | ना |
| अ | यो | ध्या | मे | व | ग | च्छा | मि |
| गृ | ही | त्वा | पा | दु | के | शु | भे |