अन्वयः
तत: thereafter, सुमन्त्र: तु Sumantra on his part, कैलासशिखरप्रभम् in lustre comparable to the peak of Kailasa, शक्रवेश्मसमप्रभम् resembling in splendour the abode of Indra, रुचिरम् lovely, रामवेश्म palace of Rama, ददर्श beheld.
Summary
Thereafter, Sumantra beheld the beautiful palace of Rama, resembling the abode of Indra or the peak of Kailasa in its splendour.
पदच्छेदः
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| ददर्श | ददर्श (√दृश् लिट् प्र.पु. एक.) |
| रुचिरं | रुचिर (२.१) |
| कैलाससदृशप्रभम् | कैलास–सदृश–प्रभा (२.१) |
| रामवेश्म | राम–वेश्मन् (२.१) |
| सुमन्त्रस् | सुमन्त्र (१.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| शक्रवेश्मसमप्रभम् | शक्र–वेश्मन्–सम–प्रभा (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | तो | द | द | र्श | रु | चि | रं |
| कै | ला | स | स | दृ | श | प्र | भम् |
| रा | म | वे | श्म | सु | म | न्त्र | स्तु |
| श | क्र | वे | श्म | स | म | प्र | भम् |