अन्वयः
सः रामः that Rama, अभ्रसङ्कशै: resembling clouds, पाण्डुरैः pale white, गृहैः houses, उपशोभितम् decorated, अगरुधूपितम् made fragrant with agaru, राजमार्गं मध्येन in the middle of the highway, ययौ proceeded.
Summary
That Rama, proceeded down the middle of the highway made fragrant with agaru and incense, lined with houses gleaming pale white like clouds.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| गृहैर् | गृह (३.३) |
| अभ्रसंकाशैः | अभ्र–संकाश (३.३) |
| पाण्डुरैर् | पाण्डुर (३.३) |
| उपशोभितम् | उपशोभित (√उप-शोभय् + क्त, २.१) |
| राजमार्गं | राजमार्ग (२.१) |
| ययौ | ययौ (√या लिट् प्र.पु. एक.) |
| रामो | राम (१.१) |
| मध्येनागरुधूपितम् | मध्य (३.१)–अगरु–धूपित (√धूपय् + क्त, २.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | गृ | है | र | भ्र | सं | का | शैः |
| पा | ण्डु | रै | रु | प | शो | भि | तम् |
| रा | ज | मा | र्गं | य | यौ | रा | मो |
| म | ध्ये | ना | ग | रु | धू | पि | तम् |