अन्वयः
बहूनि several, वर्षसहस्राणि thousands of years, आयूंषि lifespan, प्राप्य having reached, जीवत: while living, जीर्णस्य of the decayed, अस्य शरीरस्य for this body, विश्रान्तिम् rest, अभिरोचये I desired.
Summary
Having lived for thousands of years this body is now worn out due to old age and therefore I want rest.
पदच्छेदः
| प्राप्य | प्राप्य (√प्र-आप् + ल्यप्) |
| वर्षसहस्राणि | वर्ष–सहस्र (२.३) |
| बहून्य् | बहु (२.३) |
| आयूंषि | आयुस् (२.३) |
| जीवितः | जीवित (√जीव् + क्त, १.१) |
| जीर्णस्यास्य | जीर्ण (√जृ + क्त, ६.१)–इदम् (६.१) |
| शरीरस्य | शरीर (६.१) |
| विश्रान्तिम् | विश्रान्ति (२.१) |
| अभिरोचये | अभिरोचये (√अभि-रोचय् लट् उ.पु. ) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| प्रा | प्य | व | र्ष | स | ह | स्रा | णि |
| ब | हू | न्या | यूं | षि | जी | वि | तः |
| जी | र्ण | स्या | स्य | श | री | र | स्य |
| वि | श्रा | न्ति | म | भि | रो | च | ये |