पदच्छेदः
| पूज्यास् | पूज्य (√पूजय् + कृत्, १.३) |
| ते | तद् (१.३) |
| मत्कृते | मद्–कृते (अव्ययः) |
| देवि | देवी (८.१) |
| ब्राह्मणाश् | ब्राह्मण (१.३) |
| चैव | च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| सुव्रताः | सुव्रत (१.३) |
| एवं | एवम् (अव्ययः) |
| कालं | काल (२.१) |
| प्रतीक्षस्व | प्रतीक्षस्व (√प्रति-ईक्ष् लोट् म.पु. ) |
| ममागमनकाङ्क्षिणी | मद् (६.१)–आगमन–काङ्क्षिन् (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| पू | ज्या | स्ते | म | त्कृ | ते | दे | वि |
| ब्रा | ह्म | णा | श्चै | व | सु | व्र | ताः |
| ए | वं | का | लं | प्र | ती | क्ष | स्व |
| म | मा | ग | म | न | का | ङ्क्षि | णी |