अन्वयः
ऋतवश्चैव six seasons also, पक्षाश्च two fort nights, मासाः months, संवत्सराः years, क्षपा: nights, दिनानि च days also, मुहूर्ताश्च moments (each ४८ minutes), ते to you, सदा always, स्वस्ति कुर्वन्तु may bring propitiousness to you.
Summary
May the six seasons, years, months, fortnights, nights, days and moments bring good to you
पदच्छेदः
| ऋतवश् | ऋतु (१.३) |
| चैव | च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| पक्षाश् | पक्ष (१.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| मासाः | मास (१.३) |
| संवत्सराः | संवत्सर (१.३) |
| क्षपाः | क्षपा (१.३) |
| दिनानि | दिन (१.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| मुहूर्ताश् | मुहूर्त (१.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| स्वस्ति | स्वस्ति (२.१) |
| कुर्वन्तु | कुर्वन्तु (√कृ लोट् प्र.पु. बहु.) |
| ते | त्वद् (४.१) |
| सदा | सदा (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ऋ | त | व | श्चै | व | प | क्षा | श्च |
| मा | साः | सं | व | त्स | राः | क्ष | पाः |
| दि | ना | नि | च | मु | हू | र्ता | श्च |
| स्व | स्ति | कु | र्व | न्तु | ते | स | दा |