अन्वयः
नरव्याघ्र O best of men, राघव Rama, त्वया विना without you, मम to me, स्वर्गेऽपि even in heaven, वासः living, भविता यदि if it were to happen, अहम् I, तमपि that one also, न रोचये I do not like.
Summary
O Raghava, tiger among men, if I were given heaven to live in without you, even that I shall not covet.
पदच्छेदः
| स्वर्गे | स्वर्ग (७.१) |
| ऽपि | अपि (अव्ययः) |
| च | च (अव्ययः) |
| विना | विना (अव्ययः) |
| वासो | वास (१.१) |
| भविता | भविता (√भू लुट् प्र.पु. एक.) |
| यदि | यदि (अव्ययः) |
| राघव | राघव (८.१) |
| त्वया | त्वद् (३.१) |
| मम | मद् (६.१) |
| नरव्याघ्र | नर–व्याघ्र (८.१) |
| नाहं | न (अव्ययः)–मद् (१.१) |
| तम् | तद् (२.१) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
| रोचये | रोचये (√रोचय् लट् उ.पु. ) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स्व | र्गे | ऽपि | च | वि | ना | वा | सो |
| भ | वि | ता | य | दि | रा | घ | व |
| त्व | या | म | म | न | र | व्या | घ्र |
| ना | हं | त | म | पि | रो | च | ये |