अन्वयः
राघवः Rama, प्राञ्जलिः folded hands, आगतम् who has come, वेदविदम् versed in Vedas, तं सुयज्ञम् that Suyajna, अर्चितम् worshipped, अग्निम् इव like fire, सीतया सह with Sita, अभिचक्राम circumambulated.
Summary
On the arrival of sage Suyajna wellversed in the Vedas, both Rama and Sita offered obeisance to him as to firegod and circumambulated him.
पदच्छेदः
| तम् | तद् (२.१) |
| आगतं | आगत (√आ-गम् + क्त, २.१) |
| वेदविदं | वेद–विद् (२.१) |
| प्राञ्जलिः | प्राञ्जलि (१.१) |
| सीतया | सीता (३.१) |
| सह | सह (अव्ययः) |
| सुयज्ञम् | सुयज्ञ (२.१) |
| अभिचक्राम | अभिचक्राम (√अभि-क्रम् लिट् प्र.पु. एक.) |
| राघवो | राघव (१.१) |
| ऽग्निम् | अग्नि (२.१) |
| इवार्चितम् | इव (अव्ययः)–अर्चित (√अर्चय् + क्त, २.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | मा | ग | तं | वे | द | वि | दं |
| प्रा | ञ्ज | लिः | सी | त | या | स | ह |
| सु | य | ज्ञ | म | भि | च | क्रा | म |
| रा | घ | वो | ऽग्नि | मि | वा | र्चि | तम् |