अन्वयः
राजा king, वनवासाय to dwell in the forest, जगतीपतेः king's (his), अनुज्ञाम् permission, प्रतीक्षमाणम् awaiting, अव्यग्रम् to the unruffled, राघवम् to Rama, सम्प्रेक्ष्य having seen, उवाच said.
Summary
On seeing Rama, unruffled, waiting for his permission to proceed to the forest, the lord of the earth, king Dasaratha said:
पदच्छेदः
| प्रतीक्षमाणम् | प्रतीक्षमाण (√प्रति-ईक्ष् + शानच्, २.१) |
| अव्यग्रम् | अव्यग्र (२.१) |
| अनुज्ञां | अनुज्ञा (२.१) |
| जगतीपतेः | जगतीपति (६.१) |
| उवाच | उवाच (√वच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| राजा | राजन् (१.१) |
| सम्प्रेक्ष्य | सम्प्रेक्ष्य (√सम्प्र-ईक्ष् + ल्यप्) |
| वनवासाय | वन–वास (४.१) |
| राघवम् | राघव (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| प्र | ती | क्ष | मा | ण | म | व्य | ग्र |
| म | नु | ज्ञां | ज | ग | ती | प | तेः |
| उ | वा | च | र | र्जा | सं | प्रे | क्ष्य |
| व | न | वा | सा | य | रा | घ | वम् |