अन्वयः
धर्मभृताम् among upholders of righteousness, वरः best, वाक्यकोविदः skilled in speech, रामः Rama, नृपतिना by the king, एवम् in this way, उक्तः spoken, अञ्जलिं कृत्वा with folded palms, पितरम् to his father, प्रत्युवाच replied.
Summary
Thus spoken to by the king, Rama, skilled in speech and upholder of righteousness, replied to his father with folded palms:
पदच्छेदः
| एवम् | एवम् (अव्ययः) |
| उक्तो | उक्त (√वच् + क्त, १.१) |
| नृपतिना | नृपति (३.१) |
| रामो | राम (१.१) |
| धर्मभृतां | धर्म–भृत् (६.३) |
| वरः | वर (१.१) |
| प्रत्युवाचाञ्जलिं | प्रत्युवाच (√प्रति-वच् लिट् प्र.पु. एक.)–अञ्जलि (२.१) |
| कृत्वा | कृत्वा (√कृ + क्त्वा) |
| पितरं | पितृ (२.१) |
| वाक्यकोविदः | वाक्य–कोविद (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | व | मु | क्तो | नृ | प | ति | ना |
| रा | मो | ध | र्म | भृ | तां | व | रः |
| प्र | त्यु | वा | चा | ञ्ज | लिं | कृ | त्वा |
| पि | त | रं | वा | क्य | को | वि | दः |