अन्वयः
राघवे when Rama, एवम् in this way, वदति while he was saying, अथ thereafter, तासाम् of those women, भार्याणाम् of wives, सन्नादः cry, क्रौञ्चीनाम् of female geese (or herons), निस्वन: इव like sound, जज्ञे arose.
Summary
While Rama said so, there arose a loud cry of the wives of the king like the cry of the female herons.
पदच्छेदः
| जज्ञे | जज्ञे (√जन् लिट् प्र.पु. एक.) |
| ऽथ | अथ (अव्ययः) |
| तासां | तद् (६.३) |
| संनादः | संनाद (१.१) |
| क्रौञ्चीनाम् | क्रौञ्ची (६.३) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| निःस्वनः | निःस्वन (१.१) |
| मानवेन्द्रस्य | मानवेन्द्र (६.१) |
| भार्याणाम् | भार्या (६.३) |
| एवं | एवम् (अव्ययः) |
| वदति | वदत् (√वद् + शतृ, ७.१) |
| राघवे | राघव (७.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ज | ज्ञे | ऽथ | ता | सां | सं | ना | दः |
| क्रौ | ञ्ची | ना | मि | व | निः | स्व | नः |
| मा | न | वे | न्द्र | स्य | भा | र्या | णा |
| मे | वं | व | द | ति | रा | घ | वे |