अन्वयः
वरारोहा lovely limbs, सीता Sita, आत्मनः her person, अलङ्कारम् decoration, कृत्वा having made, हृष्टेन with pleased, चेतसा mind, सूर्यसङ्काशम् resembling the Sun, तं रथम् that chariot, आरुरोह boarded.
Summary
Sita of lovely limbs decorated herself and with a cheerful mind boarded the chariot which was shining like the Sun.
पदच्छेदः
| तं | तद् (२.१) |
| रथं | रथ (२.१) |
| सूर्यसंकाशं | सूर्य–संकाश (२.१) |
| सीता | सीता (१.१) |
| हृष्टेन | हृष्ट (√हृष् + क्त, ३.१) |
| चेतसा | चेतस् (३.१) |
| आरुरोह | आरुरोह (√आ-रुह् लिट् प्र.पु. एक.) |
| वरारोहा | वर–आरोह (१.१) |
| कृत्वालंकारम् | कृत्वा (√कृ + क्त्वा)–अलंकार (२.१) |
| आत्मनः | आत्मन् (६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| तं | र | थं | सू | र्य | सं | का | शं |
| सी | ता | हृ | ष्टे | न | चे | त | सा |
| आ | रु | रो | ह | व | रा | रो | हा |
| कृ | त्वा | लं | का | र | मा | त्म | नः |