अन्वयः
इति thus, सर्वाः all, ताः महिष्यः all the wives, विवत्साः deprived of their calfs, धेनवः इव like cows, दुःखार्ताः tormented with sorrow, रुरुदुश्चैव wept, सस्वरम् loudly, विचुक्रुशुः cried.
Summary
Thus all the queens like calfless cows cried loudly blaming their husband.
पदच्छेदः
| इति | इति (अव्ययः) |
| सर्वा | सर्व (१.३) |
| महिष्यस् | महिषी (१.३) |
| ता | तद् (१.३) |
| विवत्सा | विवत्स (१.३) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| धेनवः | धेनु (१.३) |
| रुरुदुश् | रुरुदुः (√रुद् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| चैव | च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| दुःखार्ताः | दुःख–आर्त (१.३) |
| सस्वरं | स (अव्ययः)–स्वर (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| विचुक्रुशुः | विचुक्रुशुः (√वि-क्रुश् लिट् प्र.पु. बहु.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| इ | ति | स | र्वा | म | हि | ष्य | स्ता |
| वि | व | त्सा | इ | व | धे | न | वः |
| रु | रु | दु | श्चै | व | दुः | खा | र्ताः |
| स | स्व | रं | च | वि | चु | क्रु | शुः |