अन्वयः
रामेण with Rama, वैदेह्या with Sita, लक्ष्मणेन च also with Lakshmana, रहितम् absent, वेश्म palace, सुपर्णेन by Suparna, हृतोरगम् a serpent snatched away, अक्षोभ्यम् an unperturbed, महाह्रदम् इव like a great tank
Summary
The palace without Rama, Lakshmana and Sita, stood like a vast, unperturbed lake with serpents snatched away by Suparna (Garuda).
पदच्छेदः
| महाह्रदम् | महत्–ह्रद (२.१) |
| इवाक्षोभ्यं | इव (अव्ययः)–अक्षोभ्य (२.१) |
| सुपर्णेन | सुपर्ण (३.१) |
| हृतोरगम् | हृत (√हृ + क्त)–उरग (२.१) |
| रामेण | राम (३.१) |
| रहितं | रहित (√रह् + क्त, २.१) |
| वेश्म | वेश्मन् (२.१) |
| वैदेह्या | वैदेही (३.१) |
| लक्ष्मणेन | लक्ष्मण (३.१) |
| च | च (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| म | हा | ह्र | द | मि | वा | क्षो | भ्यं |
| सु | प | र्णे | न | हृ | तो | र | गम् |
| रा | मे | ण | र | हि | तं | वे | श्म |
| वै | दे | ह्या | ल | क्ष्म | णे | न | च |