अन्वयः
राममातुः Rama's mother, कौशल्यायाः Kausalya's, गृहम् apartment, माम् me, शीघ्रम् quickly, नयन्तु be taken, मम हृदयस्य for my heart, अन्यत्र in any other place, आश्वासः solace, न भविष्यति हि not possible.
M N Dutt
Do you speedily take me to the room of Rāma's mother, Kausalyā; for in no other place shall I find rest for my heart.
Summary
Take me quickly to the apartment of Rama's mother, Kausalya. There is no other place where my heart can find solace.
पदच्छेदः
| कौसल्याया | कौसल्या (६.१) |
| गृहं | गृह (२.१) |
| शीघ्रं | शीघ्रम् (अव्ययः) |
| राममातुर् | राम–मातृ (६.१) |
| नयन्तु | नयन्तु (√नी लोट् प्र.पु. बहु.) |
| माम् | मद् (२.१) |
| इति | इति (अव्ययः) |
| ब्रुवन्तं | ब्रुवत् (√ब्रू + शतृ, २.१) |
| राजानम् | राजन् (२.१) |
| अनयन् | अनयन् (√नी लङ् प्र.पु. बहु.) |
| द्वारदर्शिनः | द्वारदर्शिन् (१.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| कौ | स | ल्या | या | गृ | हं | शी | घ्रं |
| रा | म | मा | तु | र्न | य | न्तु | माम् |
| इ | ति | ब्रु | व | न्तं | रा | जा | न |
| म | न | य | न्द्वा | र | द | र्शि | तः |