अन्वयः
ततः afterwards, सर्वः all, पौरजनः citizens, रामाभिषेचनम् consecration of Rama, श्रुत्वा having heard, रजनीम् the night, प्रभाताम् brightened into dawn, दृष्ट्वा having seen, पुरीम् the city, शोभयितुम् to decorate, चक्रे made (commenced).
Summary
Having heard about the coronation of Rama, all the citizens began to decorate the city soon after daybreak.
पदच्छेदः
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| पौरजनः | पौर–जन (१.१) |
| सर्वः | सर्व (१.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| रामाभिषेचनम् | राम–अभिषेचन (२.१) |
| प्रभातां | प्रभात (√प्र-भा + क्त, २.१) |
| रजनीं | रजनी (२.१) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| चक्रे | चक्रे (√कृ लिट् प्र.पु. एक.) |
| शोभां | शोभा (२.१) |
| परां | पर (२.१) |
| पुनः | पुनर् (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | तः | पौ | र | ज | नः | स | र्वः |
| श्रु | त्वा | रा | मा | भि | षे | च | नम् |
| प्र | भा | तां | र | ज | नीं | दृ | ष्ट्वा |
| च | क्रे | शो | भां | प | रां | पु | नः |