पदच्छेदः
| कच्चिन् | कश्चित् (२.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| तस्यापापस्य | तद् (६.१)–अपाप (६.१) |
| पापं | पाप (२.१) |
| कर्तुम् | कर्तुम् (√कृ + तुमुन्) |
| इहेच्छसि | इह (अव्ययः)–इच्छसि (√इष् लट् म.पु. ) |
| अकण्टकं | अकण्टक (२.१) |
| भोक्तुमना | भोक्तु–मनस् (१.१) |
| राज्यं | राज्य (२.१) |
| तस्यानुजस्य | तद् (६.१)–अनुज (६.१) |
| च | च (अव्ययः) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| क | च्चि | न्न | त | स्या | पा | प | स्य |
| पा | पं | क | र्तु | मि | हे | च्छ | सि |
| अ | क | ण्ट | कं | भो | क्तु | म | ना |
| रा | ज्यं | त | स्या | नु | ज | स्य | च |