अन्वयः
शम्बर: इति as Sambara, ख्यात: wellknown, शतमाय: possessing a hundred deceitful forms, स: महासुर: that mighty asura, देवसङ्घै: by hosts of gods, अनिर्जित: could not be conquered, शक्रस्य for Indra, सङ्ग्रामम् battle, ददौ gave.
Summary
That mighty asura wellknown as Sambara, capable of a hundred deceitful forms, challenged Indra to a battle which could not be conquered by hosts of gods.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| शम्बर | शम्बर (१.१) |
| इति | इति (अव्ययः) |
| ख्यातः | ख्यात (√ख्या + क्त, १.१) |
| शतमायो | शत–माया (१.१) |
| महासुरः | महत्–असुर (१.१) |
| ददौ | ददौ (√दा लिट् प्र.पु. एक.) |
| शक्रस्य | शक्र (६.१) |
| संग्रामं | संग्राम (२.१) |
| देवसंघैर् | देव–संघ (३.३) |
| अनिर्जितः | अनिर्जित (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | श | म्ब | र | इ | ति | ख्या | तः |
| श | त | मा | यो | म | हा | सु | रः |
| द | दौ | श | क्र | स्य | सं | ग्रा | मं |
| दे | व | सं | घै | र | नि | र्जि | तः |