अन्वयः
पार्थिवर्षभ: best of kings, रामम् to Rama, नव पञ्च वर्षाणि for fourteen years, अरण्ये in the forest, प्रव्राजय exile, भरत: Bharata, पृथिव्या: of this earth, राजा as king, क्रियताम् be made.
Summary
'O best of kings exile Rama into the forest for fourteen years and make Bharata king of the land'.
पदच्छेदः
| रामं | राम (२.१) |
| प्रव्राजयारण्ये | प्रव्राजय (√प्र-व्राजय् लोट् म.पु. )–अरण्य (७.१) |
| नव | नवन् (२.१) |
| वर्षाणि | वर्ष (२.३) |
| पञ्च | पञ्चन् (२.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| भरतः | भरत (१.१) |
| क्रियतां | क्रियताम् (√कृ प्र.पु. एक.) |
| राजा | राजन् (१.१) |
| पृथिव्यां | पृथिवी (७.१) |
| पार्थिवर्षभः | पार्थिव–ऋषभ (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| रा | मं | प्र | व्रा | ज | या | र | ण्ये |
| न | व | व | र्षा | णि | प | ञ्च | च |
| भ | र | तः | क्रि | य | तां | रा | जा |
| पृ | थि | व्यां | पा | र्थि | व | र्ष | भः |