अन्वयः
कैकेयी Kaikeyi, तस्या: मन्थराया: that Manthara's, एवम् in this way, वचनम् words, श्रुत्वा (एव) after hearing, स्वास्तीर्णात् from the wellspread, शयनात् from the bed, किञ्चित् a little, उत्थाय got up, इदम् this, अब्रवीत् said.
Summary
After hearing Manthara's words, Kaikeyi got up a little from her wellspread bed and said this:
पदच्छेदः
| श्रुत्वैवं | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा)–एवम् (अव्ययः) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| तस्या | तद् (६.१) |
| मन्थरायास् | मन्थरा (६.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| कैकयी | कैकयी (१.१) |
| किंचिद् | कश्चित् (२.१) |
| उत्थाय | उत्थाय (√उत्-स्था + ल्यप्) |
| शयनात् | शयन (५.१) |
| स्वास्तीर्णाद् | सु (अव्ययः)–आस्तीर्ण (√आ-स्तृ + क्त, ५.१) |
| इदम् | इदम् (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| श्रु | त्वै | वं | व | च | नं | त | स्या |
| म | न्थ | रा | या | स्तु | कै | क | यी |
| किं | चि | दु | त्था | य | श | य | ना |
| त्स्वा | स्ती | र्णा | दि | द | म | ब्र | वीत् |