पदच्छेदः
| शक्रायुधनिकाशैश् | शक्रायुध–निकाश (३.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| कार्मुकैर् | कार्मुक (३.३) |
| भारसाधनैः | भार–साधन (३.३) |
| रुक्मपृष्ठैर् | रुक्म–पृष्ठ (३.३) |
| महासारैः | महत्–सार (३.३) |
| शोभितां | शोभित (√शोभय् + क्त, २.१) |
| शत्रुबाधकैः | शत्रु–बाधक (३.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| श | क्रा | यु | ध | नि | का | शै | श्च |
| का | र्मु | कै | र्भा | र | सा | ध | नैः |
| रु | क्म | पृ | ष्ठै | र्म | हा | सा | रैः |
| शो | भि | तां | श | त्रु | बा | ध | कैः |