पदच्छेदः
| संमतश् | संमत (√सम्-मन् + क्त, १.१) |
| चासि | च (अव्ययः)–असि (√अस् लट् म.पु. ) |
| वृद्धानां | वृद्ध (६.३) |
| तांश् | तद् (२.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| पृच्छसि | पृच्छसि (√प्रच्छ् लट् म.पु. ) |
| संशयान् | संशय (२.३) |
| यथा | यथा (अव्ययः) |
| मृतस् | मृत (√मृ + क्त, १.१) |
| तथा | तथा (अव्ययः) |
| जीवन् | जीवत् (√जीव् + शतृ, १.१) |
| यथासति | यथा (अव्ययः)–असत् (७.१) |
| तथा | तथा (अव्ययः) |
| सति | सत् (७.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सं | म | त | श्चा | सि | वृ | द्धा | नां |
| तां | श्च | पृ | च्छ | सि | सं | श | यान् |
| य | था | मृ | त | स्त | था | जी | व |
| न्य | था | स | ति | त | था | स | ति |