अन्वयः
राम Rama, यः who, परैः by others, नित्यशः always, उपजीव्यते depends for sustenance, तस्य his, सुजीवम् happy life, यः who, परान् on others, उपजीवति depends for sustenance, तेन तु as for him, दुर्जीवम् is a hard life.
Summary
O Rama, the life of a man on whom others depend for their sustenance is a happy life and the life of one who depends on others for his own mintenance is miserable.
पदच्छेदः
| सुजीवं | सु (अव्ययः)–जीव (१.१) |
| नित्यशस् | नित्यशस् (अव्ययः) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| यः | यद् (१.१) |
| परैर् | पर (३.३) |
| उपजीव्यते | उपजीव्यते (√उप-जीव् प्र.पु. एक.) |
| राम | राम (८.१) |
| तेन | तद् (३.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| दुर्जीवं | दुर्जीव (१.१) |
| यः | यद् (१.१) |
| परान् | पर (२.३) |
| उपजीवति | उपजीवति (√उप-जीव् लट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सु | जी | वं | नि | त्य | श | स्त | स्य |
| यः | प | रै | रु | प | जी | व्य | ते |
| रा | म | ते | न | तु | दु | र्जी | वं |
| यः | प | रा | नु | प | जी | व | ति |