अन्वयः
पार्थिवः king, प्रभुः lord, राजा king (Dasaratha), दैवासुरे between gods and demons, सङ्ग्रामे in the battle, आराधितः being propitialed, सम्प्रहृष्टः exceedingly pleased, तव जनन्यै to your mother, वरं च boon, ददौ granted.
Summary
Thereafter in the battle between gods and demons, the able king (Dasaratha) pleased (with your mother) granted her a boon (as a token of gratitude).
पदच्छेदः
| देवासुरे | देव–असुर (७.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| संग्रामे | संग्राम (७.१) |
| जनन्यै | जननी (४.१) |
| तव | त्वद् (६.१) |
| पार्थिवः | पार्थिव (१.१) |
| सम्प्रहृष्टो | सम्प्रहृष्ट (√सम्प्र-हृष् + क्त, १.१) |
| ददौ | ददौ (√दा लिट् प्र.पु. एक.) |
| राजा | राजन् (१.१) |
| वरम् | वर (२.१) |
| आराधितः | आराधित (√आ-राधय् + क्त, १.१) |
| प्रभुः | प्रभु (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| दे | वा | सु | रे | च | सं | ग्रा | मे |
| ज | न | न्यै | त | व | पा | र्थि | वः |
| सं | प्र | हृ | ष्टो | द | दौ | रा | जा |
| व | र | मा | रा | धि | तः | प्र | भुः |