अन्वयः
दिव्यज्ञानोपपन्नाः richly endowed with divine knowledge, ते महर्षयः those great sages, रामं Rama, यशस्विनीम् highly reputed, वैदेहीं च Sita too, दृष्ट्वा on seeing, प्रीताः pleased, तदा then, अभ्यगच्छन् went towards.
Summary
On seeing Rama with illustrious Sita, the great sages, richly endowed with divine knowledge, went forward to greet him.
पदच्छेदः
| दिव्यज्ञानोपपन्नास् | दिव्य–ज्ञान–उपपन्न (√उप-पद् + क्त, १.३) |
| ते | तद् (१.३) |
| रामं | राम (२.१) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| महर्षयः | महत्–ऋषि (१.३) |
| अभ्यगच्छंस् | अभ्यगच्छन् (√अभि-गम् लङ् प्र.पु. बहु.) |
| तदा | तदा (अव्ययः) |
| प्रीता | प्रीत (√प्री + क्त, १.३) |
| वैदेहीं | वैदेही (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| यशस्विनीम् | यशस्विन् (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| दि | व्य | ज्ञा | नो | प | प | न्ना | स्ते |
| रा | मं | दृ | ष्ट्वा | म | ह | र्ष | यः |
| अ | भ्य | ग | च्छं | स्त | दा | प्री | ता |
| वै | दे | हीं | च | य | श | स्वि | नीम् |