पदच्छेदः
| ताम्रां | ताम्रा (२.१) |
| क्रोधवशां | क्रोधवशा (२.१) |
| चैव | च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| मनुं | मनु (२.१) |
| चाप्य् | च (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| अनलाम् | अनला (२.१) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
| तास् | तद् (२.३) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| कन्यास् | कन्या (२.३) |
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| प्रीतः | प्रीत (√प्री + क्त, १.१) |
| कश्यपः | कश्यप (१.१) |
| पुनर् | पुनर् (अव्ययः) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ता | म्रां | क्रो | ध | व | शां | चै | व |
| म | नुं | चा | प्य | न | ला | म | पि |
| ता | स्तु | क | न्या | स्त | तः | प्री | तः |
| क | श्य | पः | पु | न | र | ब्र | वीत् |