अन्वयः
अहम् I, ताराः stars, अपि even, तीक्ष्णैः with sharp, शरैः by arrows, नभस्स्थलात् from the sky, पातयामि I will dislodge, सङ्क्रुद्धः if angered, मृत्युम् god of death, मरणधर्मेण mortal nature, योजयामि will cause.
Summary
With my sharp arrows I can even bring down the stars from the sky. If angered, I can cause mortality to the god of death.
पदच्छेदः
| तारा | तारा (२.३) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
| शरैस् | शर (३.३) |
| तीक्ष्णैः | तीक्ष्ण (३.३) |
| पातयेयं | पातयेयम् (√पातय् विधिलिङ् उ.पु. ) |
| नभस्तलात् | नभस्तल (५.१) |
| मृत्युं | मृत्यु (२.१) |
| मरणधर्मेण | मरण–धर्म (३.१) |
| संक्रुद्धो | संक्रुद्ध (√सम्-क्रुध् + क्त, १.१) |
| योजयाम्य् | योजयामि (√योजय् लट् उ.पु. ) |
| अहम् | मद् (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ता | रा | अ | पि | श | रै | स्ती | क्ष्णैः |
| पा | त | ये | यं | न | भ | स्त | लात् |
| मृ | त्युं | म | र | ण | ध | र्मे | ण |
| सं | क्रु | द्धो | यो | ज | या | म्य | हम् |