पदच्छेदः
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| ऽस्य | इदम् (६.१) |
| युगम् | युग (२.१) |
| एकेन | एक (३.१) |
| चतुर्भिश् | चतुर् (३.३) |
| चतुरो | चतुर् (२.३) |
| हयान् | हय (२.३) |
| षष्ठेन | षष्ठ (३.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| शिरः | शिरस् (२.१) |
| संख्ये | संख्य (७.१) |
| चिछेद | चिछेद (√छिद् लिट् प्र.पु. एक.) |
| खरसारथेः | खर–सारथि (६.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | तो | ऽस्य | यु | ग | मे | के | न |
| च | तु | र्भि | श्च | तु | रो | ह | यान् |
| ष | ष्ठे | न | च | शि | रः | सं | ख्ये |
| चि | च्छे | द | ख | र | सा | र | थेः |