अन्वयः
पुरुषः man, परेतकाले at the time of death, यत् whatever, कर्म actions, प्रतिपद्यते does, अधर्म्यम् unrighteous, तत् such, कर्म action, आत्मनः yourself, विनाशाय for destruction, प्रतिपन्नः undertaken, असि you are.
M N Dutt
Truly have you for your own destruction engaged yourself in these impious acts, which are perpetrated by men on the eve of their death.
Summary
You have resorted to unrighteous action like a dying man. This will spell your destruction.
पदच्छेदः
| परेतकाले | परेत (√परा-इ + क्त)–काल (७.१) |
| पुरुषो | पुरुष (१.१) |
| यत् | यद् (२.१) |
| कर्म | कर्मन् (२.१) |
| प्रतिपद्यते | प्रतिपद्यते (√प्रति-पद् लट् प्र.पु. एक.) |
| विनाशायात्मनो | विनाश (४.१)–आत्मन् (६.१) |
| ऽधर्म्यं | अधर्म्य (२.१) |
| प्रतिपन्नो | प्रतिपन्न (√प्रति-पद् + क्त, १.१) |
| ऽसि | असि (√अस् लट् म.पु. ) |
| कर्म | कर्मन् (२.१) |
| तत् | तद् (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| प | रे | त | का | ले | पु | रु | षो |
| य | त्क | र्म | प्र | ति | प | द्य | ते |
| वि | ना | शा | या | त्म | नो | ऽध | र्म्यं |
| प्र | ति | प | न्नो | ऽसि | क | र्म | तत् |